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Press Release by Ministry of Information & Broadcasting...
Home ›  What's New  ›  Press Release by Ministry of Information & Broadcasting on Online Film Festival, Ray Today as part of Birth Centenary celebrations of Satyajit Ray on Films Division website from 7th to 9th May, 2021

Films Division

Ministry of Information & Broadcasting

Govt. of India

MUMBAI – 400 026

Dated  6th  May, 2021

Festival of rare films  to add grandeur to year-long

 Satyajit Ray centenary celebrations

Satyajit Ray, one of the greatest film makers of all the time,  is credited with taking  Indian cinema to the  global level. A true renaissance man, Ray earned  worldwide fame for himself and to the art of cinema as well, with his poetic realism and cinematic imagination. Continuing with the year-long  birth centenary celebrations of the  auteur,  Films Division is presenting an online film festival, RayToday,  a curated package of non-feature works by Ray along with films on him and his oeuvre. The festival will be showcased on Films Division website from May 7 to May 9, 2021 for free.

RayToday festival includes, among others,  a rare documentary made by him  on Nobel laureate, Rabindranath Tagore, the one and only   television film  by Ray on a short story by Munshi Premchand and the much acclaimed, eponymous biopic by Shyam Benegal. The films scheduled in the festival are:

Sadgati (Satyajit Ray/Doordarshan/52 Mins/1981) - a television film set on rural India which throws light on caste system in society.

Two (Satyajit Ray/Esso World Theatre/15 Mins/1964) - a simple but hard hitting societal commentary on the class struggle shows an encounter between a child of a rich family and a street child, and displays attempts of one-upmanship between kids in their successive display of  toys.

Pikoo   (Satyajit Ray/French Television/24 Mins/1980) - a touching story of a six year old kid. Ray has beautifully presented the surrounding world of a kid in a innocent manner yet gained an emotional impact.

Ray (Goutam Ghose/Govt. of West Bengal/105 Mins/1999) -  a documentary, applauded at the Venice Film Festival in 1999,  reveals the multi faceted personality of the Ray beyond just a filmmaker. Voice-over by Ray himself, clippings from his films and moments of Academy award ceremony are some of elements that make the film more than a biopic.

Sukumar Ray (Satyajit Ray/ Govt. of West Bengal/ 29 Mins/1987) -  Ray made this film as a tribute to celebrate the centenary of his father and  famous writer,  Sukumar Ray.

Bala    (Satyajit Ray/NCPA/33 Mins/1976) - a documentary that portrays the life of  renowned dancer of Bharata Natyam, Balasaraswati. It is one of the rarest documentation of her performance.

The Inner Eye (Satyajit Ray/ Films Division /20 Mins/ 1972) -  a film that depicts the life and works of  Benode Behari Mukherjee, one of the pioneers of modern Indian art who took up murals as a mode of artistic expression while remaining as a key figure in contextual modernism.

Rabindranath Tagore            (Satyajit Ray/Films Division/54 Mins/1961) - the documentary shows the life of the greatest Bengali talent of all time, Rabindranath Tagore. It highlights the contribution of Tagore, his work in Bengali literature, poetry and painting along with formation of Visva-Bharati University.

Creative Artists of India : Satyajit Ray (B.D. Garga/Films Division/14 Mins/1974) - one of the early documentaries on Satyajit Ray where the  world-renowned  film-maker narrates the process of his film making.

Satyajit Ray     (Shyam Benegal/Films Division/132 Mins/1985) - over the course of two years, well-known film maker Shyam Benegal interviewed Satyajit Ray about his career and his vision behind filmmaking, resulting in  the well-researched biopic on the legend.

Feluda – 50 years of Ray Detective   (Sagnik Chatterjee/111 Mins/2019) - Felu alias Pradosh Chandra Mitter is one of the most popular fictional detective in India who turned 50 in the year of 2017. The documentary contains literary references of Feluda films, interviews of onscreen Feluda and other characters.

Films Division acknowledges the contribution  of NCPA, Govt. of West Bengal, Ray Society, Esso World Theatre, French Television, Doordarshan, NFDC and Sagnik Chatterjee  for screening permission and also help of screening partners like  educational institutions, film schools and societies, zonal cultural centers, MEA and others for helping to take Ray works and legacy  to the nook and corner of the country and abroad.

To experience the opus of Ray, the Poet of Indian Cinema,  join Films Division by logging on to https://filmsdivision.org/Documentary of the Week and by spreading  the word among cineastes and loved ones.

-Films Division

022-23522252/ 09890550861

publicity@filmsdivision.org

 

प्रेस विज्ञप्ति 

फिल्म प्रभाग

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार

मुंबई– 400 026

दिनांक : 6 मई 2021

भारतीय सिनेमा को नई ऊँचाई देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की कीर्ती को पहुँचाने का श्रेय निश्चित रूप से मास्टर फिल्ममेकर सत्यजीत रे को जाता हैं । सत्यजीत रे की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, फिल्म प्रभाग तीन दिवसीय ऑनलाइन फिल्म महोत्सव "#RayToday" प्रस्तुत कर रहा है – इस पैकेज में सत्यजित रे निर्देशित एवं उनपर बनाई गयी नॉन-फिचर फिल्मों का समावेश हैं । "#RayToday" में वृत्तचित्र/ लघु चित्र तथा टेलीविजन श्रृंखला का अनोखा पैकेज है- यह 7 मई से 9 मई, 2021 तक फिल्म प्रभाग की वेबसाइट पर प्रसारित होगा । "#RayToday" में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर पर चित्रित वृत्तचित्र, सद्गती नामक एक टेलिव्हिजन फिल्म जो मुंशी प्रेमचंद की लघु कथा पर आधारित है, के साथ विख्यात फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल की बहुप्रशंसित बायोपिक,सत्यजीत रे जैसे कई फिल्में शामील हैं। "#RayToday" में स्क्रीनिंग होनेवाली फिल्में-

सद्गती ( निर्देशक- सत्यजित रे/52 मिनिट /1981) ग्रामीण भारत की पार्श्वभूमी पर आधारित यह फिल्म सुप्रसिद्ध लेखक मुन्शी प्रेमचंद की लघु कथा पर आधारित टेलिव्हिजन श्रृंखला हैं।

टू (निर्देशक- सत्यजित रे/ /15 मिनिट /1964) एक अमीर घर के लड़के और एक गरीब घर का लड़के के बीच होनेवाली टकराव की कहानी है, जिसे परिणामकारक तरीके से चित्रित की गई है।

पीकू (निर्देशक- सत्यजित रे /24 मिनिट /1980) यह कहानी एक 6 साल के बालक की है। एक बालक के दृष्टिकोन से दुनिया को पेश करने का काम, निर्देशक रे ने बहुत ही सरलता से और बखुबी निभाया है।

रे (निर्देशक –गौतम घोष /105 मिनिट /1999) व्हेनिस फिल्म महोत्सव, 1999  में सराही गयी यह फिल्म सत्यजित रे की बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालती हैं।

सुकुमार रे (निर्देशक- सत्यजित रे  /29 मिनिट /1987) अपने पिता एवं जानेमाने लेखक सुकुमार रे की जन्म शताब्दी के मौके पर रे ने यह फिल्म का निर्माण किया था।

बाला (निर्देशक- सत्यजित रे /33 मिनिट /1976) यह फिल्म सुप्रसिद्ध भऱत नाट्यम नृत्यांगना बालसरस्वती, जो बाला नाम से जानी जाती थी उन के जीवनी पर आधारित है।

द इनर आय ( सत्यजित रे /20 मिनिट/ 1972) - यह फिल्म सुप्रसिद्ध बंगाली चित्रकार बिनोड बिहारी मुखर्जी की जीवनी पर आध|रित है | विश्व भारती विश्वविद्यालय में मुखर्जी अध्यापक थे,  उन्होंने अंध होने के बावजूद अपनी कलादृष्टी से भारतीय मॉडर्न कला में अपना योगदान दिया, इस पर यह फिल्म प्रकाश डालती है |

रवींद्रनाथ टैगोर (निर्देशक-सत्यजित रे /54 मिनिट /1961) सुप्रसिद्ध बंगाली व्यक्तित्त्व रविंद्रनाथ टागौर पर चित्रित यह फिल्म उनके साहित्य- संगीत- कविता के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डालती हैं।

क्रिएटिव्ह आर्टीस्ट ऑफ इंडिया : सत्यजित रे (निर्देशक – बी.डी. गर्ग /14 मिनिट/1974) यह सत्यजित रे पर बनाई गई पुरानी वृत्तचित्रों में से एक है, जो उनके फिल्म निर्माण की कला के बारे में चर्चा करती है।

सत्यजित रे (निर्देशक- श्याम बेनेगल /132 मिनिट /1985) सुप्रसिद्ध निर्देशक श्याम बेनेगल ने सत्यजित रे के साथ लगभग दो वर्ष तक उनके साथ उनके कैरियर, फिल्म निर्माण की प्रेरणा एवं विचार के बारे चर्चा की, जिसके परिणाम-स्वरूप यह फिल्म निर्मित है ।

फेलुदा- रे डिटेक्टिव के 50 साल (निर्देशक- साग्निक चॅटर्जी /111 मिनिट /2019) फेलु अर्थात प्रदोष चंद्र मित्तर नामक साहित्य के मशहूर कॅरेक्टर ने 2017 में पचास साल पूरे किए, इस अवसर पर बनाई यह फिल्म इस किरदार के अभी तक के सफर का जायजा लेती हैं।

फिल्म उत्सव #RayToday के लिए, फिल्म प्रभाग अपने सहयोगी भारतीय राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC), नॅशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA), दूरदर्शन, पश्चिम बंगाल सरकार, रे सोसाइटी जैसे भागीदारों के साथ मिलकर, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, फिल्म स्कूलों, फिल्म क्लबों , क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से देश के हर कोने में रे के योगदान को सर्वदूर पहुंचाने का प्रयास करेगी ।

इसके अलावा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा उनके मिशन एवं दूतावास के माध्यम से #RayToday को विदेश में स्थित सिनेप्रेमीयों तक पहुचांने का भी प्रयास करेगी । 

"भारतीय सिनेमा के कवि: सत्यजीत रे" को अनुभव करने तथा रे-युग के सदाबहार वृत्तचित्रों का आनंद लेने के लिए फिल्म प्रभाग की वेबसाइट यानी https://filmsdivision.org/ 'डॉक्यूमेंट्री ऑफ़ द वीक' पर इसका अनुसरण करें तथा अपने सभी दोस्तों और प्रियजनों के साथ इस फिल्मोत्सव को साझा करें ।

-Films Division

022-23522252/ 09004035366

publicity@filmsdivision.org

 
 
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